#🌷शुभ रविवार #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 सुप्रभात वीडियो #✋भगवान भैरव🌸 #🦂वृश्चिक संक्रांति 🪔
राम।।🍁
🍁 *विचार संजीवनी* 🍁
*..वही भगवान् के प्रेमी होते हैं..*
*जो सबके प्रेमी होते हैं, वही भगवान् के प्रेमी होते हैं।* भक्त सबसे प्रेम करता है--'मंद करत जो करई भलाई' (मानस, सुन्दर०,४१।४)। भक्त सबको भगवत्स्वरूप समझते हैं। प्रेमी भक्त किसी को बुरा नहीं मानता, किसी का बुरा नहीं चाहता और किसी का बुरा नहीं करता। अतः हम भी किसी को बुरा न मानें, बुरा न चाहें और बुरा न करें तो हम प्रेमी हो जायँगे।
*बुराई जीवकृत सृष्टि में है, ईश्वरकृत सृष्टि में नहीं।* भागवत में आया है कि आसुरी सम्पत्ति (जीवकृत सृष्टि) भगवान् की पीठ से पैदा हुई है। इसका तात्पर्य है कि यह भगवान् की विमुखता से पैदा हुई है, सम्मुखता से नहीं।
*राम ! राम !! राम !!!*
परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज *साधन-सुधा-निधि* पृष्ठ-५८६