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#rash 🇮🇳वन्दे मातरम् 🇮🇳
rash - নন্ মামবমু दैनिमभास्कर इस साल वंदे मातरम् की रचना के १५० साल पूरे हो  गए हैं। इस गीत को बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने रचा था। रवींद्रनाथ टैगोर ने इस गीत की धुन बनाई। पहली 1896 ম কাঁঈস ক কলকনা बार अधिवेशन में यह गीत गाया गया था। १४ अगस्त १९४७ की रात्रि में संविधान सभा की पहली बैठक का प्रारंभ वंदे मातरम' के साथ हुआ था। आज पढ़िए आजादी का सशक्त नारा बने इस गीत का मूल रूप और इसका = भावार्थ মুল যীন भावा अनुवाद वन्दे मातरम योगी और दार्शनिक श्रीअरबिंद सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् घोष ने इस गीत का यह शस्यश्यामलां मातरम। भावानुवाद गद्य के रूप में किया वन्दे मातरम। থা- शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम हे मां! तेरी धरती जल से भरपूर है, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, फूल से लदी हुई है, मलय  सुमधुर भाषिणीम्, फल सुहासिनीं  की ठंडी सुगंध से शीतल  पर्वत वरदां मातरम। geei है, खेतों में लहलहाती फसल से वन्दे मातरम। आच्छादित है। तेरी रातें चांदनी से मूल गीत आगे इस तरह है हो उठती हैं और पुलकित नहाकर सप्तकोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले वृक्ष खिले फूलों व पत्तों से सजे द्विसप्तकोटि भुजैर्धृत खरकरवाले।  हैं। तू मुस्कान बिखेरने वाली, रहते সনলা কনী সাঁ বুসি হেলী বল मधुर वाणी बोलने वाली, सुख देने  बहुबल धारिणीं , नमामि तारिणीं वाली है। तेरे करोड़ों पुत्रों के गले  रिपुदलवारिणीं मातरम्। से उठी आवाज गगन में गूंजती वन्दे मातरम्। में तलवारें है और करोड़ों " भुजाओं  तुमि विद्या, तुमि धर्म, तुमि हृदि, तुमि मर्म। और अस्त्रनशस्त्र चमकते हें। कौन त्वॅम् हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि मा शक्ति, कहता है कि तू निर्बल है, मां? हृदये तुमि मा भक्ति, तोमॉरै प्रतिमा गड़ि मन्दिरे मन्दिरे मातरम्। तूअपार शक्ति है, संकट से पार वन्दे मातरम्। लगाने वाली है और शत्रुओं का वाली है। तू ही ज्ञान है, नाश करने त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी धर्म है, हृदय में है और तू ही जीवन कमला कमलदलविहारिणी। है।तू प्राण  নাণী নিঘরানায়িনী 6 का सार 351l31f' नमामि त्वाम, नमामि कमलाम् की शक्ति है और हृदय की भक्ति अमलाम् अतुलाम्, सुजलां है। हम तुझे ही पूजते हैं, हे मां! तू सुफलां मातरम। ही दसों अस्त्रनशस्त्र धारण करने वन्दे मातरम्। वाली मां दुर्गा है, कमल के आसन श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम् पर विराजमान मां लक्ष्मी है। तू मां  धरणीं भरणीं मातरम। सरस्वती है, हे निर्मल मां! मैं तुझे वन्दे मातरम। प्रणाम करता हूं| নন্ মামবমু दैनिमभास्कर इस साल वंदे मातरम् की रचना के १५० साल पूरे हो  गए हैं। इस गीत को बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने रचा था। रवींद्रनाथ टैगोर ने इस गीत की धुन बनाई। पहली 1896 ম কাঁঈস ক কলকনা बार अधिवेशन में यह गीत गाया गया था। १४ अगस्त १९४७ की रात्रि में संविधान सभा की पहली बैठक का प्रारंभ वंदे मातरम' के साथ हुआ था। आज पढ़िए आजादी का सशक्त नारा बने इस गीत का मूल रूप और इसका = भावार्थ মুল যীন भावा अनुवाद वन्दे मातरम योगी और दार्शनिक श्रीअरबिंद सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् घोष ने इस गीत का यह शस्यश्यामलां मातरम। भावानुवाद गद्य के रूप में किया वन्दे मातरम। থা- शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम हे मां! तेरी धरती जल से भरपूर है, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, फूल से लदी हुई है, मलय  सुमधुर भाषिणीम्, फल सुहासिनीं  की ठंडी सुगंध से शीतल  पर्वत वरदां मातरम। geei है, खेतों में लहलहाती फसल से वन्दे मातरम। आच्छादित है। तेरी रातें चांदनी से मूल गीत आगे इस तरह है हो उठती हैं और पुलकित नहाकर सप्तकोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले वृक्ष खिले फूलों व पत्तों से सजे द्विसप्तकोटि भुजैर्धृत खरकरवाले।  हैं। तू मुस्कान बिखेरने वाली, रहते সনলা কনী সাঁ বুসি হেলী বল मधुर वाणी बोलने वाली, सुख देने  बहुबल धारिणीं , नमामि तारिणीं वाली है। तेरे करोड़ों पुत्रों के गले  रिपुदलवारिणीं मातरम्। से उठी आवाज गगन में गूंजती वन्दे मातरम्। में तलवारें है और करोड़ों " भुजाओं  तुमि विद्या, तुमि धर्म, तुमि हृदि, तुमि मर्म। और अस्त्रनशस्त्र चमकते हें। कौन त्वॅम् हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि मा शक्ति, कहता है कि तू निर्बल है, मां? हृदये तुमि मा भक्ति, तोमॉरै प्रतिमा गड़ि मन्दिरे मन्दिरे मातरम्। तूअपार शक्ति है, संकट से पार वन्दे मातरम्। लगाने वाली है और शत्रुओं का वाली है। तू ही ज्ञान है, नाश करने त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी धर्म है, हृदय में है और तू ही जीवन कमला कमलदलविहारिणी। है।तू प्राण  নাণী নিঘরানায়িনী 6 का सार 351l31f' नमामि त्वाम, नमामि कमलाम् की शक्ति है और हृदय की भक्ति अमलाम् अतुलाम्, सुजलां है। हम तुझे ही पूजते हैं, हे मां! तू सुफलां मातरम। ही दसों अस्त्रनशस्त्र धारण करने वन्दे मातरम्। वाली मां दुर्गा है, कमल के आसन श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम् पर विराजमान मां लक्ष्मी है। तू मां  धरणीं भरणीं मातरम। सरस्वती है, हे निर्मल मां! मैं तुझे वन्दे मातरम। प्रणाम करता हूं| - ShareChat

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