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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - उतमु नीचुा लिखि $f4 हुकमी दुख सुख पाईअहि $ इकना हुकमी बखसीस इकि हुकमी सदा भवाईअहि।। अर्थः हे भाई श्री गुरु नानक देव जी कहते ٤٤ है! परमात्मा के हुकम में कोई मनुष्य अच्छा बन जाता है और कोई बुरा.. [೫ೌನ ক্িত ' कर्मों के उसके हुकम में ही अपने []ತೆ]} लिखे अनुसार मनुष्य दुख व सुख भुगता हैं। परमात्मा का हुकम ही हमारे जीवन को অঙ্ঞ্জ] आकार देता है। हुकम से ही कई 34$ থ্lলী मनुष्यों पर अकाल पुरख के दर से कृपा होती है और परमात्मा का हुकम ही हमारे @[[@[ जीवन को आगे बढ़ाता है या हमें पीछे জীী धकेलता है।उसके हुकम में ही कई मनुष्य नित्य जन्म मरण के चक्कर में फसे रहते 81 उतमु नीचुा लिखि $f4 हुकमी दुख सुख पाईअहि $ इकना हुकमी बखसीस इकि हुकमी सदा भवाईअहि।। अर्थः हे भाई श्री गुरु नानक देव जी कहते ٤٤ है! परमात्मा के हुकम में कोई मनुष्य अच्छा बन जाता है और कोई बुरा.. [೫ೌನ ক্িত ' कर्मों के उसके हुकम में ही अपने []ತೆ]} लिखे अनुसार मनुष्य दुख व सुख भुगता हैं। परमात्मा का हुकम ही हमारे जीवन को অঙ্ঞ্জ] आकार देता है। हुकम से ही कई 34$ থ্lলী मनुष्यों पर अकाल पुरख के दर से कृपा होती है और परमात्मा का हुकम ही हमारे @[[@[ जीवन को आगे बढ़ाता है या हमें पीछे জীী धकेलता है।उसके हुकम में ही कई मनुष्य नित्य जन्म मरण के चक्कर में फसे रहते 81 - ShareChat

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